शुक्रवार, जनवरी 28, 2011

ओम पुरोहित ‘कागद’


 मेरे हिन्दी कविता-संग्रह

म्हारा राजस्थानी कविता-संग्रह
              कुचरणी
राजस्थानी कविता-संग्रहों से 
हिंदी मे अनूदित कविताएँ
अन्य हिंदी कविताएँ
राजस्थानी कविताओं का हिंदी अनुवाद
मूल राजस्थानी कविताएँ

2 टिप्‍पणियां:

  1. आपके संग्रह और कविताओं के बारे में जानकार अच्छा लगा... आपको ढेरों शुभकामना..

    उत्तर देंहटाएं
  2. नेट पर थाने देख कर चोखों लागो 19 साल पहली आपं स्व श्री कृष्ण कुमार कौशिक के घंरा मिल्या हा मैं बागों चाचे रो बेटो हो तथा पी.एम.टी री तैयारी करतो थाने याद है की कोनी

    उत्तर देंहटाएं