सोमवार, मार्च 29, 2010

राजस्थानी कविता-पाठ ओम पुरोहित 'कागद'

6 टिप्‍पणियां:

  1. आदरणीय ओम जी ,
    जय हिंद
    जो लोग भी मेरे ब्लॉग का अनुसरण करते हैं ,मैं उन्हें धन्यवाद जरूर देती हूँ कि वे मेरा हौसला बढाते हैं ,बस इसीलिए आपको धन्यवाद दिया ,खराब लगा हो तो माफी चाहूंगी ,आप किसी भी ब्लॉगर से पूछ सकते हैं कि मैं ऐसा करती हूँ या नहीं ,जिनके लिंक के बारे में पता नहीं चल पाता ,उन्हें फोन या मेल से धन्यवाद ज्ञापित करती हूँ और उनका ब्लॉग भी पढती हूँ ,अब आपका लिंक मिला तो आपका ब्लॉग पढ़ रही हूँ,[सुन रही हूँ] लेकिन मुझे राजस्थानी नहीं आती ,आपने कहीं हिन्दी में कविताएँ नहीं पढी हैं क्या ?
    मेरा ज्ञान सार्वजनिक है ,आप उसका लाभ उठा कर मुझे अनुगृहित करें

    --
    asm

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  2. मैं आपका तहे दिल से शुक्रियादा करती हूँ इस हौसला अफ़जाही के लिए! आपकी टिपण्णी मिलने से मेरे लिखना का उत्साह दुगना हो गया! इसी तरह आप वक़्त मिलने से मेरे ब्लॉग पर आते रहिएगा!

    बहुत ही सुन्दरता से आपने चित्रों के साथ कविता प्रस्तुत किया है! आवाज़ बहुत बढ़िया लगा! आपके अगले पोस्ट का इंतज़ार रहेगा!

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  3. आपकी टिपण्णी के लिए बहुत बहुत शुक्रिया! मैं अपनी गलती मानती हूँ की जेंडर में ज़रा गलती हो गयी! आपसे गुज़ारिश है कि अब आप एक बार फिर मेरी कविता पढ़िए और टिपण्णी दीजिये! मैंने संशोधन कर लिया है! अपना सुझाव देते रहिएगा!
    http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

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  4. पुरोहित जी,
    प्रणाम।
    हौसला बढ़ाने के लिए शुक्रिया। मेरी तो बस यह एक कोशिश है, पुनश्च...। आपने काफी लिखा है। आपका मार्गदर्शन मायने रखता है।

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  5. उच्च रक्त चाप के लिए सर्पगंधा और जटामांसी से बेहतर कोई औषधि नहीं है ,लौकी का जूस न पीयें आप ,आपको बबुई तुलसी का लुआब खाना होगा .अर्जुन की छाल का चूर्ण सुबह शाम ३-३ ग्राम लेते रहें ,मोती पिस्ती के बारे में मुझे जानकारी नहीं है अतः मैं इस पर कुछ नहीं कह सकती ,मैं आपको ये दवाएं कुरियर से भेज दूंगी ,सिर्फ तीन माह का कोर्स है .लाभ तो आपको १० दिन में ही पता चल जायेगा

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  6. guru ji aap ka svasthya kesa hai. aap ke blog ka jyada time nhi de ska maphi chhhta hun

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